यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भाग लिया

यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भाग लिया

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Shri Gulab Chand Kataria, Administrator of UT Chandigarh

चंडीगढ़, 11 जून, 2026: Shri Gulab Chand Kataria, Administrator of UT Chandigarh, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री राजेश प्रसाद के साथ नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने की।

इस वर्ष की बैठक का विषय “विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास” था। बैठक में 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासक शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि यह नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की पहली बैठक थी, जिसमें सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया।

बैठक में समावेशी मानव विकास को बढ़ावा देने तथा केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय एवं सहयोगात्मक संघवाद को सुदृढ़ करने पर चर्चा की गई, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

बैठक को संबोधित करते हुए श्री कटारिया ने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सतत विकास और शहरी प्रशासन के क्षेत्रों में चंडीगढ़ की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया तथा शहर को समावेशी विकास और सुशासन के एक मॉडल के रूप में रेखांकित किया।

प्रशासक ने बताया कि चंडीगढ़ को 99.93 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया है तथा शिक्षा मंत्रालय के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 में लगातार दूसरे वर्ष सर्वोच्च ‘प्रचेष्टा-1’ ग्रेड प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं का परिणाम 88.25 प्रतिशत तक पहुंच गया है तथा शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 475 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।

श्री कटारिया ने प्रोजेक्ट उड़ान और शिखर-26 के माध्यम से जेईई एवं नीट की निःशुल्क कोचिंग, सरकारी विद्यालयों में कौशल शिक्षा के विस्तार तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स जैसे भविष्य उन्मुख पाठ्यक्रमों के क्रियान्वयन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा में चंडीगढ़ का सकल नामांकन अनुपात 64.8 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्होंने ‘प्रोजेक्ट सारथी’ का उल्लेख किया, जिसके अंतर्गत 2,671 से अधिक एनएसएस स्वयंसेवक प्रमुख सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सहायता कर रहे हैं। इस मॉडल को देशभर के 1,400 से अधिक अस्पतालों द्वारा अपनाया जा चुका है।

प्रशासक ने बताया कि पिछले दो वर्षों में चंडीगढ़ के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए पदकों की संख्या 297 से बढ़कर 488 हो गई है तथा वर्ष 2027 की एशियन रिले चैंपियनशिप की मेजबानी चंडीगढ़ को सौंपी गई है।

सतत विकास संबंधी पहलों का उल्लेख करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में चंडीगढ़ को 8वां स्थान प्राप्त हुआ है। सभी सरकारी भवनों का सौरकरण किया जा चुका है तथा शहर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि चंडीगढ़ देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है जहां बिजली वितरण का शत-प्रतिशत निजीकरण किया गया है तथा इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रशासक ने यह भी उल्लेख किया कि व्यापक पुनर्वास उपायों के माध्यम से चंडीगढ़ भारत का पहला आधिकारिक रूप से स्लम-फ्री शहर बन गया है। उन्होंने नागरिक-केंद्रित प्रशासन और प्रगतिशील शहरी विकास पहलों के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।

श्री गुलाब चंद कटारिया ने समावेशी विकास, मानव पूंजी सुदृढ़ीकरण तथा विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय संकल्प के प्रति चंडीगढ़ प्रशासन की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।